श्रीनिवास रामानुजन: गणित का अद्भुत जादूगर...

     ✍️ श्रीनिवास रामानुजन: गणित का अदभुत जादूगर
                 जन्म-   22 December 1887 
                 निधन-  26 April 1920

जब हम गणित के अध्यन की बात करते है तो श्रीनिवास रामानुजन का नाम सबसे उपर आता है एक ऐसे व्यक्ती की कहानी जिसने गरिबी, समाज के ताने जैसे बाधाओ का सामना करते हुए  गणित विषय की एक अलग ऊंचाई दी 
श्रीनिवास रामानुजन जी का जीवन हर एक छात्र के लिए प्रेरणादायक है

☺ प्रारंभिक जीवन -

रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर,1887 को तमिलनाडु के ईरोड नामक स्थान पर हुआ इनकी आर्थिक दशा ठीक नहीं थी तथा इनके पिता एक क्लर्क थे रामानुजन को  संख्याओं मे बहुत अच्छे रुचि होने से  10 साल की उम्र तक इन्होंने हाईस्कूल तक का गणित अध्यन कर लिया था

 📕 शिक्षा और संघर्ष:

रामानुजन को पारंपरिक शिक्षा मे ज्यादा रुचि नहीं थी
गणित के अलावा ये और विषय मे असफल हो जाते थे जिसके कारण उन्हे छत्रवर्ती और कॉलेज 🎓 छोड़ना पड़ा लेकिन वो लगे रहे|एक अंग्रेजी पुस्तक -, A Synopsis of Elementary Result in Pure Mathematic से उन्होंने अनेक सूत्र सीखे और  नए सिद्धांत विकसित किए

 🗜🖥उनकी प्रमुख खोजें:

रामानुजन ने गणित जी कई क्षेत्रों मे योगदान दिया
• संख्या सिद्धांत         (Number Theory) 
• अलिप्टिक फंक्शन   (EllipticFunction) 
• अनंत श्रेणी             (Infinite series) 
• `रामानुजन संख्या -: 1729 यह वह सबसे छोटी संख्या है जिसे दी अलग -अलग संख्या के घनो के योग के रूप मे लिखा सकते है
  ➡️ 1729 = 1^3+ 12^3 =9^3+10^3


निधन--

32 साल की उम्र मे  26 अप्रेल 1920 मे इंग्लैंड से लोटने के बाद उनका निधन हो गया इतनी कम उम्र मे निधन होने के वाबजूद भी 3900+ गणित सूत्र प्रमेय दुनीया को दिये

 🧠 छात्रों के लिए
रामानुजन का जीवन यह सीखाता है
•आपकी किसी विषय के प्रती रुचि होनी चाहिये परिस्थिती मायने नहीं रखती
• साधन नहीं, संकल्प Important💯 होता है 
• शिक्षा उस शेरनी का दूध जिसने पिया वही दहाड़ता है 

 📐📊📚  National Maths Day  22 December


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